हरियाणा की मशहूर सिंगर और डांसर अनामिका बावा ने चूहे मारने की दवा खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. जिसके बाद उन्हें हिसार के अस्पताल में भर्ती किया गया था, यहां से इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है. बताया जा रहा है कि अनामिक ने यह कदम अपने पति के साथ विवाद के बाद उठाया है. ज़हर खाने से पहले सोशल मीडिया पर उन्होंने लाइव भी किया और पति की प्रेमिका पर प्रताड़ना के आरोप तक लगाए.
हरियाणा में एनी बी के नाम से मशहूर अनामिका ने आरोप लगाया कि उसने यह कदम अपने पति के अफेयर के चलते उठाया है. दरअसल, अनामिका का आरोप है कि उसके पति का एक महिला से अफेयर चल रहा है. वह महिला अनामिका को कई बार फोन करके पति को तलाक देने की बात कहती रहती है.
कुछ दिन पहले महिला ने अनामिका को पति के साथ जन्मदिन का केक काटते हुए एक वीडियो भी भेजा था. उसने बताया कि पति शेखर से जिस महिला का अफेयर चल रहा है वह बेंगलरु में बार डांसर है और इन दोनों की दोस्ती फेसबुक के जरिये हुई. इसके बाद चैटिंग करते- करते यह दोनों नजदीक आ गए हैं. अनामिका ने यह तक आरोप लगाया है कि महिला ने उसे बहुत परेशान किया था. इसलिए वह यह कदम उठाने के लिए मजबूर हो गई थी.
कौन हैं हरियाणा की दूसरी सपना चौधरी कही जाने वाली अनामिका
अनामिका बावा हरियाणा की डांसर और सिंगर हैं. एनी बी के नाम से जाने वाली अनामिका ने 2,500 से अधिक गाने पर परफॉर्म किया है. उसे हरियाणा की दूसरी सपना चौधरी के नाम से भी जाना जाता है. 2013 में उन्होंने शेखर खन्ना से शादी की थी लेकिन वह अपने पति से विवाद के कारण इस समय हिसार में अपनी मां के साथ नवदीप कॉलोनी में रह रहीं हैं.
दिल्ली यातायात पुलिस ने नए साल की पूर्व संध्या पर शहर में ट्रैफिक के सुचारू रूप से संचालन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. सबसे ज्यादा तवज्जो कनॉट प्लेस और इसके आसपास के इलाकों पर दी गई है, जहां रात को गाड़ियों के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी. यातायात पुलिस ने जारी एक बयान में कहा कि कनॉट प्लेस में रात आठ बजे से लेकर जश्न खत्म होने तक सभी तरह के वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा. यातायात के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त बी के सिंह ने कहा कि कनॉट प्लेस के इनर, मिडिल या आउटर सर्कल में गाड़ियों को जाने की इजाजत नहीं है.
अधिकारी ने कहा कि यातायात पुलिस शराब पीकर गाड़ी चलाने, सिग्नल तोड़ने और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाएगी. बयान में बताया गया है कि मंडी हाउस गोल चक्कर, बंगाली मार्केट गोल चक्कर, रंजीत सिंह फ्लाईओर, मिंटो रोड, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग क्रॉसिंग, मुंजे चौक (नई दिल्ली रेलवे स्टेशन) के पास चेम्सफोर्ड रोड से वाहनों को कनॉट प्लेस की ओर आने नहीं दिया जाएगा.
बी के सिंह ने बताया कि आरके आश्रम मार्ग-चित्रगुप्त, गोल मार्केट गोल चक्कर, जीपीओ, पटेल चौक, कस्तूरबा गांधी रोड-फिरोजशाह रोड क्रॉसिंग, जय सिंह रोड-बंगला साहिब लेन की ओर से भी गाड़ियों को कनॉट प्लेस की ओर नहीं बढ़ने दिया जाएगा. यातायात परामर्श के मुताबिक, वाहन चालक कनॉट प्लेस के आसपास कुछ स्थानों पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर सकते हैं.
Monday, December 31, 2018
Sunday, December 16, 2018
किसान क्यों रो रहे हैं प्याज़ के आंसू
बाज़ार में भले ही प्याज़ 20 से 30 रुपये प्रति किलो की दर से मिल रहा है लेकिन प्याज की खेती में जुटे किसान इसकी लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं.
उनकी हालत इस कदर ख़राब है कि प्याज़ की कीमत गिरने के बाद से दो किसानों ने आत्महत्या कर ली है.
अपनी समस्या देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए एक किसान ने 750 किलो प्याज़ बेचने के बाद मिले पैसों को पीएम नरेंद्र मोदी को भेज दिया.
ठीक ऐसे ही महाराष्ट्र के अहमदनगर ज़िले के संगमनेर तहसील के एक किसान ने प्याज़ बेचने के बाद मिले पैसों को वहां के मुख्यमंत्री को भेज दिया.
ख़बर तो यहां तक आई कि किसानों को अपने प्याज़ की कीमत 50 पैसे प्रति किलो की दर से भी नहीं मिल रहे हैं और गिरते भाव से बेहाल प्याज़ के किसान इसे सड़कों पर फेंक रहे हैं.
ये वो ख़बरें हैं जो पिछले कुछ दिनों के दौरान प्याज़ की खेती में लगे किसानों की बदहाल स्थिति बताती हैं. स्थिति ये है कि आज पूरे देश में प्याज़ के पैदावार की लागत और इसकी बिक्री से होने वाली कमाई में कोई संतुलन नहीं है. स्वाभाविक रूप से, जो किसान पहले से गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे थे उनके हालात और भी असहज हो गए हैं.
पिछले हफ़्ते, नासिक ज़िले के एक किसान संजय साठे इस उम्मीद से बाज़ार पहुंचे कि उनके प्याज़ की अच्छी कीमत मिलेगी. लेकिन, हुआ इसके उलट. 750 किलो प्याज़ बेचने के बाद उन्हें केवल 1064 रुपये मिले. यदि ट्रैक्टर का भाड़ा और मजदूरी को इसमें से घटाएं तो उनकी कमाई कितनी हुई. साठे ने फौरन ही इस हुई कमाई का मनीऑर्डर बनाया और प्रधानमंत्री के दफ़्तर पीएमओ भेज दिया. मामले की जांच के बाद पीएमओ ने वो पैसा उन्हें वापस भेज दिया.
उनके विरोध का यह तरीका मीडिया में चर्चा का विषय बन गया लेकिन इसके बाद दो और ख़बरें आईं. 6 और 7 दिसंबर को नासिक ज़िले के बगलान तहसील में प्याज़ की खेती करने वाले दो किसानों ने आत्महत्या कर ली.
आत्महत्या करने वाले किसानों की पहचान भादाने गांव के तात्याभाउ खैरनार (44) और सारदे गांव के युवा किसान प्रमोद धोंगडे (33) के तौर पर हुई. खैरनार ने तो वहां आत्महत्या की जहां उन्होंने प्याज़ का गोदाम बना रखा था.
उनकी हालत इस कदर ख़राब है कि प्याज़ की कीमत गिरने के बाद से दो किसानों ने आत्महत्या कर ली है.
अपनी समस्या देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए एक किसान ने 750 किलो प्याज़ बेचने के बाद मिले पैसों को पीएम नरेंद्र मोदी को भेज दिया.
ठीक ऐसे ही महाराष्ट्र के अहमदनगर ज़िले के संगमनेर तहसील के एक किसान ने प्याज़ बेचने के बाद मिले पैसों को वहां के मुख्यमंत्री को भेज दिया.
ख़बर तो यहां तक आई कि किसानों को अपने प्याज़ की कीमत 50 पैसे प्रति किलो की दर से भी नहीं मिल रहे हैं और गिरते भाव से बेहाल प्याज़ के किसान इसे सड़कों पर फेंक रहे हैं.
ये वो ख़बरें हैं जो पिछले कुछ दिनों के दौरान प्याज़ की खेती में लगे किसानों की बदहाल स्थिति बताती हैं. स्थिति ये है कि आज पूरे देश में प्याज़ के पैदावार की लागत और इसकी बिक्री से होने वाली कमाई में कोई संतुलन नहीं है. स्वाभाविक रूप से, जो किसान पहले से गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे थे उनके हालात और भी असहज हो गए हैं.
पिछले हफ़्ते, नासिक ज़िले के एक किसान संजय साठे इस उम्मीद से बाज़ार पहुंचे कि उनके प्याज़ की अच्छी कीमत मिलेगी. लेकिन, हुआ इसके उलट. 750 किलो प्याज़ बेचने के बाद उन्हें केवल 1064 रुपये मिले. यदि ट्रैक्टर का भाड़ा और मजदूरी को इसमें से घटाएं तो उनकी कमाई कितनी हुई. साठे ने फौरन ही इस हुई कमाई का मनीऑर्डर बनाया और प्रधानमंत्री के दफ़्तर पीएमओ भेज दिया. मामले की जांच के बाद पीएमओ ने वो पैसा उन्हें वापस भेज दिया.
उनके विरोध का यह तरीका मीडिया में चर्चा का विषय बन गया लेकिन इसके बाद दो और ख़बरें आईं. 6 और 7 दिसंबर को नासिक ज़िले के बगलान तहसील में प्याज़ की खेती करने वाले दो किसानों ने आत्महत्या कर ली.
आत्महत्या करने वाले किसानों की पहचान भादाने गांव के तात्याभाउ खैरनार (44) और सारदे गांव के युवा किसान प्रमोद धोंगडे (33) के तौर पर हुई. खैरनार ने तो वहां आत्महत्या की जहां उन्होंने प्याज़ का गोदाम बना रखा था.
Thursday, December 13, 2018
माल्या ने 40 साल तक लोन चुकाया, उसे विल्फुल डिफॉल्टर कैसे कह सकते हैं
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को विल्फुल डिफॉल्टर कहने पर सवाल उठाए हैं। एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि हर कारोबार में जोखिम होता है। चाहे बैंकिंग हो या इंश्योरेंस, हर बिजनेस में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। लेकिन, गलतियां प्रामाणिक हों तो उन्हें माफ कर दूसरा मौका दिया जाना चाहिए।
एविएशन में नुकसान की वजह से माल्या कर्ज नहीं चुका पाया: गडकरी
नितिन गडकरी ने कहा कि काफी समय पहले महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी कंपनी सिकॉम के जरिए विजय माल्या को कर्ज दिया था। उसने 40 साल तक ब्याज चुकाया। एविएशन कारोबार में आने के बाद माल्या को दिक्कतों का सामना करना पड़ा और वह लोन नहीं चुका सका।
गडकरी ने सवाल उठाते हुए कहा कि एक व्यक्ति जिसने 40 साल तक कर्ज का भुगतान किया वो कुछ दिक्कतों की वजह से बाद में पैसे नहीं चुका पाया तो क्या उसे विल्फुल डिफॉल्टर घोषित किया जा सकता है ?
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नीरव मोदी या विजय माल्या ने धोखाधड़ी की है तो उन्हें जेल भेजना चाहिए। लेकिन, हम वित्तीय संकट में फंसे हर व्यक्ति पर फ्रॉड होने का लेबल लगाएं तो अर्थव्यवस्था नहीं बढ़ पाएगी।
वित्तीय संकट में फंसी कंपनियों को सीधे आईसीयू में नहीं डालना चाहिए
गडकरी ने कहा कि हमारा बैंकिंग सिस्टम मुश्किल में फंसी कंपनियों को सपोर्ट नहीं करता। जब कोई गंभीर हालत में होता है तो उसे आईसीयू में भर्ती किया जाता है। लेकिन, हमारी बैंकिंग व्यवस्था ऐसी है जो दिक्कत वाली कंपनियों को सीधे आईसीयू में डाल देती है। फिर यह तय कर दिया जाता है कि वह कंपनी खत्म हो चुकी है।
सरकार के आर्थिक नजरिए का समर्थन करे आरबीआई: गडकरी
आरबीआई के मुद्दे पर गडकरी ने कहा कि सरकार ने एक संस्था के तौर पर उसे खत्म नहीं किया है। हम उसकी स्वायत्तता का स्वीकार करते हैं। वह सरकार का हिस्सा है इसलिए, उसे भी सरकार के आर्थिक नजरिए का समर्थन करना चाहिए।
गडकरी ने कहा कि आरबीआई को पूरी तरह स्वायत्तता चाहिए तो उसे अर्थव्यवस्था की हालत के लिए जिम्मेदार होना चाहिए, वित्त मंत्रालय के लिए नहीं। अर्थव्यवस्था में कुछ गलत होने पर आप हमें जिम्मेदार ठहराते हैं और जब हम फैसले लेते हैं तो कहा जाता है कि आरबीआई की स्वायत्तता को खतरे में डाल रहे हैं। गडकरी ने कहा कि आरबीआई एक स्वायत्त संस्था है लेकिन, क्या इसका मतलब यह है कि वह पॉलिसी से जुड़े 100% फैसले खुद लेगा।
एविएशन में नुकसान की वजह से माल्या कर्ज नहीं चुका पाया: गडकरी
नितिन गडकरी ने कहा कि काफी समय पहले महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी कंपनी सिकॉम के जरिए विजय माल्या को कर्ज दिया था। उसने 40 साल तक ब्याज चुकाया। एविएशन कारोबार में आने के बाद माल्या को दिक्कतों का सामना करना पड़ा और वह लोन नहीं चुका सका।
गडकरी ने सवाल उठाते हुए कहा कि एक व्यक्ति जिसने 40 साल तक कर्ज का भुगतान किया वो कुछ दिक्कतों की वजह से बाद में पैसे नहीं चुका पाया तो क्या उसे विल्फुल डिफॉल्टर घोषित किया जा सकता है ?
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नीरव मोदी या विजय माल्या ने धोखाधड़ी की है तो उन्हें जेल भेजना चाहिए। लेकिन, हम वित्तीय संकट में फंसे हर व्यक्ति पर फ्रॉड होने का लेबल लगाएं तो अर्थव्यवस्था नहीं बढ़ पाएगी।
वित्तीय संकट में फंसी कंपनियों को सीधे आईसीयू में नहीं डालना चाहिए
गडकरी ने कहा कि हमारा बैंकिंग सिस्टम मुश्किल में फंसी कंपनियों को सपोर्ट नहीं करता। जब कोई गंभीर हालत में होता है तो उसे आईसीयू में भर्ती किया जाता है। लेकिन, हमारी बैंकिंग व्यवस्था ऐसी है जो दिक्कत वाली कंपनियों को सीधे आईसीयू में डाल देती है। फिर यह तय कर दिया जाता है कि वह कंपनी खत्म हो चुकी है।
सरकार के आर्थिक नजरिए का समर्थन करे आरबीआई: गडकरी
आरबीआई के मुद्दे पर गडकरी ने कहा कि सरकार ने एक संस्था के तौर पर उसे खत्म नहीं किया है। हम उसकी स्वायत्तता का स्वीकार करते हैं। वह सरकार का हिस्सा है इसलिए, उसे भी सरकार के आर्थिक नजरिए का समर्थन करना चाहिए।
गडकरी ने कहा कि आरबीआई को पूरी तरह स्वायत्तता चाहिए तो उसे अर्थव्यवस्था की हालत के लिए जिम्मेदार होना चाहिए, वित्त मंत्रालय के लिए नहीं। अर्थव्यवस्था में कुछ गलत होने पर आप हमें जिम्मेदार ठहराते हैं और जब हम फैसले लेते हैं तो कहा जाता है कि आरबीआई की स्वायत्तता को खतरे में डाल रहे हैं। गडकरी ने कहा कि आरबीआई एक स्वायत्त संस्था है लेकिन, क्या इसका मतलब यह है कि वह पॉलिसी से जुड़े 100% फैसले खुद लेगा।
Tuesday, December 11, 2018
受威胁谩骂 被迫骗网友加入
“落入传销组织的第一天,我一夜没睡,想趁半夜上厕所的时候溜走,可是有男生守着,他们不睡。”今年国庆节前,西北民族大学大二女生小雪(化名)受“只见过一面”的女网友邀请前往银川游玩,却被骗进传销组织,几乎整个10月,她失去自由,被传销窝点的“小头目们”牢牢控制。
她先被关在银川一处两室一厅的民居中度过了半个月,其间与其他相同遭遇的年轻人一起接受“洗脑”、人生规划,与此同时,还时常遭受威胁和谩骂。10月中旬,小雪“失联”一事经媒体报道后,传销团伙就将其转移至河北沧州,在那里,她被迫冒充“上班族”,同“微信漂流瓶”或求职网站上的陌生网友“谈恋爱”,待时机成熟时再将其骗进来。
11月1日,经过数日蹲守,银川警方和小雪家人终在沧州一处小区发现涉事传销团伙踪迹,身陷其中一个月的小雪最终获救。“网上说出来的话都特别漂亮,但你不知道屏幕背后,到底是一条‘狗’,还是一个人。”近日,在家休息一段时间后,小雪已返校学习,逐渐从阴影中走出,只是对网上聊天有些“排斥”
去年11月,通过同学介绍,我认识了在宁夏一所大学上学的秦霜(化名),偶尔会在QQ上聊天。国庆前,她邀请我去银川玩,顺便参观她所兼职的化妆品店,称如果我觉得合适,寒假可以来打工。我买了10月1日兰州到银川的火车票,以及5日的回程票。1日晚上到银川火车站时,两个男孩来接的我。一见面他们就抢过我箱子拉着,说和秦霜一起合租房子,晚上过去住。
银川火车站外面有一条很宽的马路,沿着马路走到他们住处,只花了几分钟。房间不小,两室一厅,厨卫均有。女寝条件还可以,有床,男孩子在另一间房里打地铺。10月2日、3日,秦霜和另一个男生陪我在银川城里玩,一切正常,直到10月4日。当天晚上9时左右,突然从屋外进来10多个人——男的居多,女孩只有1个。他们年龄不大,穿着“普通、干净”,但精神有些恍惚、木讷。秦霜说这些人都是她的“同事”,并收了我的手机,称“跟朋友聊天,手机响了会不尊敬”。
秦霜和两个男生将我带进女寝,其中一个叫王志(化名)的男生说,“这几天朋友带你进来,对你怎么样,心里应该知道”,又说有两个消息告诉我,一个好的,一个坏的。坏消息是没时间再去玩了,好消息是,“你要把时间拿去考察一个事业——直销,这会让你变得更好”
她先被关在银川一处两室一厅的民居中度过了半个月,其间与其他相同遭遇的年轻人一起接受“洗脑”、人生规划,与此同时,还时常遭受威胁和谩骂。10月中旬,小雪“失联”一事经媒体报道后,传销团伙就将其转移至河北沧州,在那里,她被迫冒充“上班族”,同“微信漂流瓶”或求职网站上的陌生网友“谈恋爱”,待时机成熟时再将其骗进来。
11月1日,经过数日蹲守,银川警方和小雪家人终在沧州一处小区发现涉事传销团伙踪迹,身陷其中一个月的小雪最终获救。“网上说出来的话都特别漂亮,但你不知道屏幕背后,到底是一条‘狗’,还是一个人。”近日,在家休息一段时间后,小雪已返校学习,逐渐从阴影中走出,只是对网上聊天有些“排斥”
去年11月,通过同学介绍,我认识了在宁夏一所大学上学的秦霜(化名),偶尔会在QQ上聊天。国庆前,她邀请我去银川玩,顺便参观她所兼职的化妆品店,称如果我觉得合适,寒假可以来打工。我买了10月1日兰州到银川的火车票,以及5日的回程票。1日晚上到银川火车站时,两个男孩来接的我。一见面他们就抢过我箱子拉着,说和秦霜一起合租房子,晚上过去住。
银川火车站外面有一条很宽的马路,沿着马路走到他们住处,只花了几分钟。房间不小,两室一厅,厨卫均有。女寝条件还可以,有床,男孩子在另一间房里打地铺。10月2日、3日,秦霜和另一个男生陪我在银川城里玩,一切正常,直到10月4日。当天晚上9时左右,突然从屋外进来10多个人——男的居多,女孩只有1个。他们年龄不大,穿着“普通、干净”,但精神有些恍惚、木讷。秦霜说这些人都是她的“同事”,并收了我的手机,称“跟朋友聊天,手机响了会不尊敬”。
秦霜和两个男生将我带进女寝,其中一个叫王志(化名)的男生说,“这几天朋友带你进来,对你怎么样,心里应该知道”,又说有两个消息告诉我,一个好的,一个坏的。坏消息是没时间再去玩了,好消息是,“你要把时间拿去考察一个事业——直销,这会让你变得更好”
Monday, December 10, 2018
इंटरनेट से अछूते दुनिया के आखिरी देश क्यूबा में 3G शुरू, डेटा भारत से 175 गुना महंगा
अफ्रीकन देश क्यूबा के नागरिकों को अब इंटरनेट सुविधा मिल गई है। गुरुवार से यहां सभी नागरिकों के लिए पहली बार 3G इंटरनेट सेवा शुरू कर दी गई। यह दुनिया का आखिरी देश है, जहां इंटरनेट सर्विस शुरू हुई। क्यूबा की टेलीकॉम कंपनी ETECSA ने यह सर्विस शुरू की है। हालांकि, यहां पहले भी इंटरनेट था, लेकिन इसका इस्तेमाल सभी लोग नहीं कर पाते थे।
4 जीबी डेटा की कीमत 2100 रुपए, इतनी ही मजूदरी मिलती है
क्यूबा में इंटरनेट सर्विस शुरू करने वाली टेलीकॉम कंपनी ने इसके प्लान भी जारी कर दिए। इसके मुताबिक, क्यूबा के नागरिकों को हर महीने का प्लान 30 डॉलर (करीब 2100 रुपए) में मिलेगा, जिसमें सिर्फ 4 जीबी 3G डेटा का ही इस्तेमाल कर सकेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, क्यूबा की आबादी 1.12 करोड़ है। इनमें से भी सिर्फ 50 लाख लोग ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। यहां के ज्यादातर लोग मजदूरी करके ही अपना गुजारा करते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, क्यूबा में महीने की औसतन मजदूरी ही 30 डॉलर है जबकि कई श्रमिकों को तो इससे भी कम मजदूरी मिलती है। लिहाजा, इंटरनेट के लिए ये कीमत यहां के लोगों के लिए ज्यादा हो सकती है।
अभी तक वाई-फाई और इंटरनेट कैफे के भरोसे थे लोग
ऐसा नहीं है कि यहां पहली बार इंटरनेट आया है। इससे पहले भी यहां इंटरनेट था, लेकिन हर कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर पाता था। 2013 तक यहां पर इंटरनेट सिर्फ महंगे होटलों में ही था ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक इसका इस्तेमाल कर सकें।
इसके बाद 2017 में यहां पर इंटरनेट के लिए देशभर में वाई-फाई हॉटस्पॉट और इंटरनेट कैफे शुरू किए गए। अभी क्यूबा में देशभर में 1200 वाई-फाई हॉटस्पॉट हैं, जिसका इस्तेमाल सिर्फ 20 लाख लोग ही कर पाते हैं।
यहां पर तकरीबन 670 इंटरनेट कैफे हैं जहां एक घंटे इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए एक डॉलर (करीब 70 रुपए) देना होता है।
4 जीबी डेटा की कीमत 2100 रुपए, इतनी ही मजूदरी मिलती है
क्यूबा में इंटरनेट सर्विस शुरू करने वाली टेलीकॉम कंपनी ने इसके प्लान भी जारी कर दिए। इसके मुताबिक, क्यूबा के नागरिकों को हर महीने का प्लान 30 डॉलर (करीब 2100 रुपए) में मिलेगा, जिसमें सिर्फ 4 जीबी 3G डेटा का ही इस्तेमाल कर सकेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, क्यूबा की आबादी 1.12 करोड़ है। इनमें से भी सिर्फ 50 लाख लोग ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। यहां के ज्यादातर लोग मजदूरी करके ही अपना गुजारा करते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, क्यूबा में महीने की औसतन मजदूरी ही 30 डॉलर है जबकि कई श्रमिकों को तो इससे भी कम मजदूरी मिलती है। लिहाजा, इंटरनेट के लिए ये कीमत यहां के लोगों के लिए ज्यादा हो सकती है।
अभी तक वाई-फाई और इंटरनेट कैफे के भरोसे थे लोग
ऐसा नहीं है कि यहां पहली बार इंटरनेट आया है। इससे पहले भी यहां इंटरनेट था, लेकिन हर कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर पाता था। 2013 तक यहां पर इंटरनेट सिर्फ महंगे होटलों में ही था ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक इसका इस्तेमाल कर सकें।
इसके बाद 2017 में यहां पर इंटरनेट के लिए देशभर में वाई-फाई हॉटस्पॉट और इंटरनेट कैफे शुरू किए गए। अभी क्यूबा में देशभर में 1200 वाई-फाई हॉटस्पॉट हैं, जिसका इस्तेमाल सिर्फ 20 लाख लोग ही कर पाते हैं।
यहां पर तकरीबन 670 इंटरनेट कैफे हैं जहां एक घंटे इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए एक डॉलर (करीब 70 रुपए) देना होता है।
Subscribe to:
Comments (Atom)