National Girl Child Day: आज राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लैंगिक समानता बढ़ाने और समाज में लड़कियों को भी लड़कों के बराबर अवसर सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है. वहीं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि आइए बालिकाओं के शिक्षित करना और उनका सही पोषण की प्रतिज्ञा लें.
आपको बता दें, सरकार शिक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने और कम उम्र में महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने के लिए 'बेटी पढाओ बेटी बचाओ' अभियान के अलाव, विभिन्न योजनाओं के तहत कई स्कॉलरशिप भी प्रदान करती है. जिसके बारे में ज्यादातर लड़कियां और महिलाएं नहीं जानती हैं. आइए एक नजर डालते हैं उन स्कॉलरशिप पर जो सरकार की ओर से लड़्कियों और महिलाओं को दी जाती है.
प्रगति स्कॉलरशिप
प्रगति छात्रवृत्ति के तहत, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) हर साल 4000 स्कॉलरशिप प्रदान करता है. ये स्कॉलरशिप उन घरों की लड़कियों के लिए हैं जिनकी प्रतिवर्ष आय 6 लाख रुपये है.
स्कॉलरशिप: इसमें लड़कियों की पूरे साल की ट्यूशन फीस या 30000 हजार रुपये और ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान 10 महीने तक 2000 हजार रुपये दिए जाते हैं.
कैसे करें आवेदन: जो इस स्कॉलरशिप लाभ उठाना चाहते हैं उन्होंने AICTE अप्रूव कॉलेज में अपनी योग्यता के आधार पर एडमिशन लिया हो. बता दें, एक परिवार से केवल एक छात्र इस स्कॉलरशिप का लाभ उठा सकता है। इच्छुक उम्मीदवार AICTE की आधिकारिक वेबसाइट aicte-india.org पर आवेदन कर सकते हैं.
स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) ने सोशल साइंस में रिसर्च के लिए सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए स्कॉलरशिप दी जाती है. इस स्कॉलरशिप का नाम स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर सिंगल गर्ल चाइल्ड फॉर रिसर्च इन सोशल साइंसेज है. बता दें, यह स्कॉलरशिप उन छात्राओं के लिए है जो किसी यूनिवर्सिटी से सोशल साइंस में पीएचडी का 5 साल का रेगुलर कोर्स कर रही हैं. इस स्कॉलरशिप के लिए केवल वही छात्रा आवेदन कर सकती हैं जो अपने घर में अपने मां-बाप की इकलौती बेटी, जु़ड़वा बहनें या फिर ट्रांसजेंडर हो.
स्कॉलरशिप: इसमें पीएचडी के शुरुआती दो साल के लिए 25,000 रुपये प्रति माह की फेलोशिप दी जाती है. बाकी पीएचडी कार्यकाल के लिए प्रति महीने 28,000 रुपये दिए जाते हैं. वहीं इसके अलावा पहले दो साल के लिए प्रति वर्ष 10,000 रुपये और बाकी बचे सालों के लिए 20,500 रुपये की आकस्मिकता (contingency) प्रदान की जाती है.
किन्हें मिलेगी ये स्कॉलरशिप: ये स्कॉलरशिप उन्हें दी जाएगी जिन्होंने पीएचडी प्रोग्राम में हिस्सा लिया हो. छात्राओं की आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए. वहीं आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 45 वर्ष है.
Thursday, January 24, 2019
Wednesday, January 16, 2019
राजकुमार हिरानी पर यौन उत्पीड़न के आरोप से सदमे में निर्देशक, कहा- 'फैसला न सुनाए'
डायरेक्टर राजकुमार हिरानी पर का आरोप लगने से कई बॉलीवुड सेलेब्स शॉक्ड हैं. फिल्म संजू में हिरानी संग बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम चुकी एक महिला ने उनपर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. दिया मिर्जा, बोनी कपूर, शरमन जोशी और अरशद वारसी ने आरोपों पर हैरानी जताई. कई ने डायरेक्टर का सपोर्ट करते हुए कहा, "वे ऐसा नहीं कर सकते." अब मशहूर निर्देशक इंद्र कुमार ने भी हिरानी का समर्थन किया है.
मुंबई मिरर को दिए एक इंटरव्यू में इंद्र कुमार ने कहा- ''मैं सदमे में हूं कि राजकुमार हिरानी जैसे जेंटलमैन का नाम मीटू मूवमेंट के तहत सामने आया है. मुझे यकीन है कि जल्द ही सच्चाई सामने आएगी. हमें इस समय फैसला नहीं सुनाना चाहिए.'' बताते चलें कि जिस महिला ने हिरानी पर आरोप लगाए थे, उसका कहना है कि उत्पीड़न की घटना संजू के पोस्ट प्रोडक्शन के दौरान मार्च से सितंबर 2018 के बीच की है. महिला ने यह भी कहा कि उसका एक से ज्यादा बार यौन उत्पीड़न किया गया.
आरोपों पर हिरानी का जवाब
हालांकि हिरानी ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने एक बयान जारी करते हुए कहा कि ''मैं दो महीने पहले संज्ञान में लाए गए इस दावे से शॉक्ड हूं. मैंने इस मामले को समिति या एक कानूनी इकाई के पास भेजने की सलाह दी थी. लेकिन शिकायकर्ता इसके बदले मीडिया के पास गई. मैं जोर देकर कहना चाहता हूं कि मेरी छवि खराब करने के इरादे से गलत और नुकसान पहुंचाने वाली कहानी का प्रचार किया जा रहा है.''
क्या है महिला के आरोप
महिला ने संगीन आरोप लगाते हुए बताया कि हिरानी ने उनके लिए अभद्र टिप्पणी का इस्तेमाल किया. फिर उनके साथ अपने घर और दफ्तर पर जोर जबरदस्ती की. महिला ने लंबे समय तक अपनी आवाज दबाने की भी वजह बताई. उन्होंने बताया कि वो इसलिए खामोश रही क्योंकि उन्हें अपनी नौकरी जाने का डर था.
सोनम की फिल्म के पोस्टर से हटा हिरानी का नाम
कहा यह भी जा रहा है कि हिरानी पर के आरोप की वजह से ही उनका नाम ''एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा'' के नए पोस्टर से हटा लिया गया था. शुरुआत में रिलीज पोस्टर्स में हिरानी का नाम बतौर प्रोड्यूसर शामिल था. लेकिन बाद में मेकर्स ने क्रेडिट लाइन से हिरानी का नाम हटाना बेहतर समझा.
शीला दीक्षित की पुरानी प्रोफाइल को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें दिल्ली का नेतृत्व सौंपने का फैसला किया है. वह 15 वर्षों तक लगातार मुख्यमंत्री रहीं. इसी दौरान दिल्ली का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर बदलने का श्रेय उन्हें दिया जाता है. अपने प्रशासनिक अनुभव की बदौलत उन्होंने आलाकमान को अपने पर दोबारा भरोसा दिलाया है. क्योंकि उनके कामकाज को लेकर कोई विवाद देखने को नहीं मिलता है. उन्हें एक बेहतर मैनेजर माना जाता है. अपने पुराने तजुर्बों को लेकर कॉन्फिडेंस से भरी नजर आती हैं. ‘आजतक’ के इस सवाल पर वह कहती भी हैं कि, ‘आलाकमान को लगता है कि मुझे दिल्ली का अनुभव है और यही कारण है कि उन्होंने नई दिल्ली कांग्रेस प्रमुख के लिए मुझे चुना.’
बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों का एकजुट होने का क्रम शुरू हो गया है. कांग्रेस महागठबंधन की पूरजोर तरफदारी कर रही है. वह बिहार में महागठबंधन खड़ा कर चुकी है. हालांकि शीला दीक्षित अपनी सियासी रणनीति का खुलासा नहीं कर रही हैं. दिल्ली में कांग्रेस के पास लोकसभा और विधानसभा में एक भी सीट नहीं है. इस स्थिति में अगले चुनाव की रणनीति पर वह कहती हैं कि, ‘दिल्ली में गठबंधन पर चर्चा चल रही है और जब वक्त आएगा तो पता चल जाएगा.’
मुंबई मिरर को दिए एक इंटरव्यू में इंद्र कुमार ने कहा- ''मैं सदमे में हूं कि राजकुमार हिरानी जैसे जेंटलमैन का नाम मीटू मूवमेंट के तहत सामने आया है. मुझे यकीन है कि जल्द ही सच्चाई सामने आएगी. हमें इस समय फैसला नहीं सुनाना चाहिए.'' बताते चलें कि जिस महिला ने हिरानी पर आरोप लगाए थे, उसका कहना है कि उत्पीड़न की घटना संजू के पोस्ट प्रोडक्शन के दौरान मार्च से सितंबर 2018 के बीच की है. महिला ने यह भी कहा कि उसका एक से ज्यादा बार यौन उत्पीड़न किया गया.
आरोपों पर हिरानी का जवाब
हालांकि हिरानी ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने एक बयान जारी करते हुए कहा कि ''मैं दो महीने पहले संज्ञान में लाए गए इस दावे से शॉक्ड हूं. मैंने इस मामले को समिति या एक कानूनी इकाई के पास भेजने की सलाह दी थी. लेकिन शिकायकर्ता इसके बदले मीडिया के पास गई. मैं जोर देकर कहना चाहता हूं कि मेरी छवि खराब करने के इरादे से गलत और नुकसान पहुंचाने वाली कहानी का प्रचार किया जा रहा है.''
क्या है महिला के आरोप
महिला ने संगीन आरोप लगाते हुए बताया कि हिरानी ने उनके लिए अभद्र टिप्पणी का इस्तेमाल किया. फिर उनके साथ अपने घर और दफ्तर पर जोर जबरदस्ती की. महिला ने लंबे समय तक अपनी आवाज दबाने की भी वजह बताई. उन्होंने बताया कि वो इसलिए खामोश रही क्योंकि उन्हें अपनी नौकरी जाने का डर था.
सोनम की फिल्म के पोस्टर से हटा हिरानी का नाम
कहा यह भी जा रहा है कि हिरानी पर के आरोप की वजह से ही उनका नाम ''एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा'' के नए पोस्टर से हटा लिया गया था. शुरुआत में रिलीज पोस्टर्स में हिरानी का नाम बतौर प्रोड्यूसर शामिल था. लेकिन बाद में मेकर्स ने क्रेडिट लाइन से हिरानी का नाम हटाना बेहतर समझा.
शीला दीक्षित की पुरानी प्रोफाइल को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें दिल्ली का नेतृत्व सौंपने का फैसला किया है. वह 15 वर्षों तक लगातार मुख्यमंत्री रहीं. इसी दौरान दिल्ली का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर बदलने का श्रेय उन्हें दिया जाता है. अपने प्रशासनिक अनुभव की बदौलत उन्होंने आलाकमान को अपने पर दोबारा भरोसा दिलाया है. क्योंकि उनके कामकाज को लेकर कोई विवाद देखने को नहीं मिलता है. उन्हें एक बेहतर मैनेजर माना जाता है. अपने पुराने तजुर्बों को लेकर कॉन्फिडेंस से भरी नजर आती हैं. ‘आजतक’ के इस सवाल पर वह कहती भी हैं कि, ‘आलाकमान को लगता है कि मुझे दिल्ली का अनुभव है और यही कारण है कि उन्होंने नई दिल्ली कांग्रेस प्रमुख के लिए मुझे चुना.’
बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों का एकजुट होने का क्रम शुरू हो गया है. कांग्रेस महागठबंधन की पूरजोर तरफदारी कर रही है. वह बिहार में महागठबंधन खड़ा कर चुकी है. हालांकि शीला दीक्षित अपनी सियासी रणनीति का खुलासा नहीं कर रही हैं. दिल्ली में कांग्रेस के पास लोकसभा और विधानसभा में एक भी सीट नहीं है. इस स्थिति में अगले चुनाव की रणनीति पर वह कहती हैं कि, ‘दिल्ली में गठबंधन पर चर्चा चल रही है और जब वक्त आएगा तो पता चल जाएगा.’
Monday, January 7, 2019
आजतक की HAL पर बहस में शाहनवाज बोले- कैशलेस क्यों नहीं होते, हुई किरकिरी
Rakesh Roshan diagnosed cancer एक्टर ऋतिक रोशन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में खुलाया किया कि उनके पापा फिल्म मेकर राकेश रोशन को कुछ हफ्ते पहले Squamous Cell Carcinoma की पहली स्टेज डायगनॉज हुई. आम भाषा में इसे समझें तो राकेश रोशन को एक तरह का कैंसर है. इसमें एबनॉर्मल सेल्स की ग्रोथ गले में बढ़ जाती है.
ऋतिक रोशन, ने पापा राकेश रोशन के साथ जिम में वर्कआउट के दौरान एक तस्वीर पोस्ट की है. इसमें उन्होंने लिखा, मैंने आज सुबह डैड से वर्कआउट करने के लिए पूछा, मुझे पता था वो सर्जरी के दिन भी एक्सरसाइज करना नहीं छोड़ेंगे. हाल ही में गले में Squamous Cell Carcinoma का पता चला. आज वो अपनी जंग लडेंगे. हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारी फैमिली को आपके जैसा लीडर मिला.
अगर राकेश रोशन के वर्कफ्रंट की बात करें तो वे इन दिनों कृष 4 की तैयारी में जुटे हैं. इस फिल्म में एक बार फिर राकेश रोशन अपने बेटे ऋतिक रोशन के साथ काम करेंगे. इसके पहले इस फिल्म की सारी सीरीज हिट रही हैं.
बीते दिनों इरफान खान न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर और सोनाली बेंद्रे को कैंसर होने की खबर ने लोगों को चौंका दिया था. सोनाली बेंद्रे न्यूयॉर्क में सात महीने तक इलाज कराने के बाद मुंबई लौट आई हैं. इरफान बीते साल मार्च से ही लंदन में अपनी बीमारी का इलाज करा रहे हैं.
बीजेपी प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने अपने एक बयान से जहां खुद से लिए आलोचना का रास्ता खोल दिया है वहीं पार्टी की जमकर किरकिरी का कारण भी बन गया है. देश के सबसे बड़े न्यूज चैनल आजतक पर राफेल विवाद के चलते हिंदुस्तान एरोनॉटक्स लिमिटेड (एचएएल) पर बहस के दौरान एचएएल में कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए कैश संकट के सवाल पर हुसैन ने दावा किया कि उनकी सरकार कैश में भरोसा नहीं रखती क्योंकि मोदी सरकार कैशलेस इकोनॉमी की बात करती है.
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर टीवी बहस के दौरान न्यूज एंकर निशांत चतुर्वेदी ने सवाल किया कि एचएएल के चेयरमैन और सीएमडी ने दावा किया है कि एचएएल कैश-इन-हैंड नकारात्मक है. इसके चलते कंपनी अपने कर्मचारियों को सैलरी देने की स्थिति में नहीं है. इस नकारात्मक कैश-इन-हैंड, जो कि एक अकाउंटिंग का शब्द है और जिसका मतलब है कि कंपनी के पास खाते में कर्मचारी को सैलरी देने के लिए अथवा अपना अन्य जरूरी खर्च करने के लिए पैसे नहीं है.
अपने इस जवाब से जहां शहनवाज हुसैन ने जाहिर कर दिया कि उन्हें कैश-इन-हैंड शब्द का मतलब नहीं पता था और वह इसे कैश मुद्रा और डिजिटल मुद्रा से कन्फ्यूज कर बैठे. हालांकि उनकी इस गलती पर न्यूज एंकर ने उन्हें मजाक न करने के लिए कहा क्योंकि टीवी चैनल पर एक अहम मुद्दे पर बहस की जा रही थी.
राफेल का वंशवाद: तजुर्बा नहीं, परिवार देखकर दसॉल्ट ने किया अंबानी से करार
गौरतलब है कि इस टीवी बहस के दौरान शहनवाज हुसैन के साथ कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेरा भी शामिल थे. बीते कुछ दिनों से एचएएल की आर्थिक स्थिति पर लेकर विवाद खड़ा हुआ है. हाल ही में लोकसभा में इस मुद्दे पर हुई बहस में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर संसद और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया था.
ऋतिक रोशन, ने पापा राकेश रोशन के साथ जिम में वर्कआउट के दौरान एक तस्वीर पोस्ट की है. इसमें उन्होंने लिखा, मैंने आज सुबह डैड से वर्कआउट करने के लिए पूछा, मुझे पता था वो सर्जरी के दिन भी एक्सरसाइज करना नहीं छोड़ेंगे. हाल ही में गले में Squamous Cell Carcinoma का पता चला. आज वो अपनी जंग लडेंगे. हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारी फैमिली को आपके जैसा लीडर मिला.
अगर राकेश रोशन के वर्कफ्रंट की बात करें तो वे इन दिनों कृष 4 की तैयारी में जुटे हैं. इस फिल्म में एक बार फिर राकेश रोशन अपने बेटे ऋतिक रोशन के साथ काम करेंगे. इसके पहले इस फिल्म की सारी सीरीज हिट रही हैं.
बीते दिनों इरफान खान न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर और सोनाली बेंद्रे को कैंसर होने की खबर ने लोगों को चौंका दिया था. सोनाली बेंद्रे न्यूयॉर्क में सात महीने तक इलाज कराने के बाद मुंबई लौट आई हैं. इरफान बीते साल मार्च से ही लंदन में अपनी बीमारी का इलाज करा रहे हैं.
बीजेपी प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने अपने एक बयान से जहां खुद से लिए आलोचना का रास्ता खोल दिया है वहीं पार्टी की जमकर किरकिरी का कारण भी बन गया है. देश के सबसे बड़े न्यूज चैनल आजतक पर राफेल विवाद के चलते हिंदुस्तान एरोनॉटक्स लिमिटेड (एचएएल) पर बहस के दौरान एचएएल में कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए कैश संकट के सवाल पर हुसैन ने दावा किया कि उनकी सरकार कैश में भरोसा नहीं रखती क्योंकि मोदी सरकार कैशलेस इकोनॉमी की बात करती है.
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर टीवी बहस के दौरान न्यूज एंकर निशांत चतुर्वेदी ने सवाल किया कि एचएएल के चेयरमैन और सीएमडी ने दावा किया है कि एचएएल कैश-इन-हैंड नकारात्मक है. इसके चलते कंपनी अपने कर्मचारियों को सैलरी देने की स्थिति में नहीं है. इस नकारात्मक कैश-इन-हैंड, जो कि एक अकाउंटिंग का शब्द है और जिसका मतलब है कि कंपनी के पास खाते में कर्मचारी को सैलरी देने के लिए अथवा अपना अन्य जरूरी खर्च करने के लिए पैसे नहीं है.
अपने इस जवाब से जहां शहनवाज हुसैन ने जाहिर कर दिया कि उन्हें कैश-इन-हैंड शब्द का मतलब नहीं पता था और वह इसे कैश मुद्रा और डिजिटल मुद्रा से कन्फ्यूज कर बैठे. हालांकि उनकी इस गलती पर न्यूज एंकर ने उन्हें मजाक न करने के लिए कहा क्योंकि टीवी चैनल पर एक अहम मुद्दे पर बहस की जा रही थी.
राफेल का वंशवाद: तजुर्बा नहीं, परिवार देखकर दसॉल्ट ने किया अंबानी से करार
गौरतलब है कि इस टीवी बहस के दौरान शहनवाज हुसैन के साथ कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेरा भी शामिल थे. बीते कुछ दिनों से एचएएल की आर्थिक स्थिति पर लेकर विवाद खड़ा हुआ है. हाल ही में लोकसभा में इस मुद्दे पर हुई बहस में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर संसद और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया था.
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