नई दिल्ली. उपभोक्ता फोरम ने फुटवियर कंपनी बाटा इंडिया लिमिटेड पर सर्विस में कमी के लिए 9 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। दरअसल, चंडीगढ़ में बाटा के एक शोरूम में ग्राहक से पेपर बैग के लिए 3 रुपए मांगे गए थे। इस पर ग्राहक ने कंज्यूमर फोरम का दरवाजा खटखटाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिकायकर्ता का कहना था कि बाटा ने बैग पर भी शुल्क लगाया, यानी कंपनी बैग को भी ब्रांड के नाम से ही बेचने की कोशिश कर रही थी, जो कि बिल्कुल न्यायोचित नहीं था।
सभी ग्राहकों को मुफ्त पेपर बैग दे कंपनी
शिकायतकर्ता ने इस मामले में कंपनी के खिलाफ सर्विस में कमी की शिकायत करते हुए 3 रुपए का रिफंड मांगा था। बाटा ने अपने बचाव में कहा कि उसकी तरफ से सर्विस में कोई कमी नहीं छोड़ी गई। हालांकि, फोरम ने कहा कि यह बाटा की जिम्मेदारी थी कि वह सामान खरीदने वाले लोगों को मुफ्त पेपर बैग मुहैया कराए। इसी के साथ फोरम ने बाटा को निर्देश दिया कि वह सभी ग्राहकों को मुफ्त पेपर बैग दे। फैसले में यह भी कहा गया कि अगर कंपनियों को पर्यावरण की चिंता है तो वह पर्यावरण के अनुकूल पदार्थों से बने बैग कस्टमर को मुफ्त में दें।
मानसिक यातना के लिए 3 हजार के भुगतान के आदेश
फोरम ने फैसले में बाटा इंडिया को निर्देश दिया कि वह ग्राहक को बैग के 3 रुपए के साथ ही मुकदमे में लगी राशि- 1000 रुपए लौटाए। इसके अलावा बैग न देकर ग्राहक को मानिसक यातना देने के लिए 3 हजार रुपए के भुगतान के आदेश दिए गए। फोरम ने राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के लीगल एड अकाउंट में 5000 रुपये जमा करने के भी निर्देश दिए।
आजम के बयान को लेकर सुषमा स्वराज ने मुलायम सिंह यादव से कार्रवाई करने की अपील की। सुषमा ने ट्वीट किया, "मुलायम भाई - आप पितामह हैं समाजवादी पार्टी के। आपके सामने रामपुर में द्रौपदी का चीर हरण हो रहा हैं। आप भीष्म की तरह मौन साधने की गलती मत करिये।"
इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी आजम खान को नोटिस जारी किया है। आयोग ने आजम के बयान को महिला के लिए अपमानजनक और अनैतिक बताया है। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, "हमने मामले में चुनाव आयोग को भी पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है ताकि उन्हें सबक मिले। चुनाव के समय यह सब बंद होना चाहिए। महिला केवल उपभोग के लिए नहीं है। महिला वोटरों को इस तरह के बयान देने वालों के खिलाफ मतदान करना चाहिए।"
मामले पर जयाप्रदा ने कहा, "2009 में पार्टी में होते हुए भी अखिलेश और मुलायम ने मुझे समर्थन नहीं दिया था। आजम खान को इसकी आदत है। इनका स्तर किस तरह गिर गया है। यह कभी सुधरेगा नहीं कि मैं एक महिला पर ऐसी टिप्पणी कर रहा हूं। जो हम बोल भी नहीं सकते, वो ऐसी टिप्पणी करता है। अब वो मेरा भाई नहीं, वो मेरा कुछ भी नहीं। इसको हम छोड़ेंगे नहीं। इसका चुनाव नहीं होना चाहिए। इसका चुनाव रद्द करना चाहिए।"
जयाप्रदा 2004 और 2009 में रामपुर लोकसभा सीट से सपा के टिकट पर सांसद चुनी गई थीं। इस साल मार्च में ही में उन्होंने भाजपा ज्वाइन की है। पार्टी ने उन्हें रामपुर से ही टिकट दिया है।
आजम एक और विवादास्पद वीडियो वायरल
आजम खान का एक और वीडियो वायरल हुआ है। एक मिनट 30 सेकंड के इस वीडियो में आजम अपनी गाड़ी पर खड़े होकर कह रहे हैं, "सब यहां डटे रहो। कलेक्टर-वलेक्टर से मत डरियो। ये तनखैया (तनख्वाह पाने वाला) है। तनखैयों से नहीं डरते। मायावती जी के फोटो देखे हैं। कैसे बड़े अफसर रूमाल निकाल के उनके जूते साफ करते हैं। हमारा उन्हीं (मायावती) से गठबंधन है। अल्लाह ने चाहा तो मायावती जी के जूते इन्हीं से साफ कराऊंगा।"
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