नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव में दिल्ली के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में गठबंधन नहीं होगा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को इस पर चर्चा के लिए दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित और अन्य नेताओं की बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद शीला दीक्षित ने केजरीवाल के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर विराम लगाया। अरविंद केजरीवाल कुछ दिन पहले दिल्ली की सात में से छह सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम तय कर चुके हैं।
दिल्ली कांग्रेस के नेता अकेले चुनाव लड़ने के पक्ष में
दिल्ली कांग्रेस के नेता आम आदमी पार्टी के साथ जाने के लिए तैयार नहीं हैं। शीला दीक्षित ने 1 मार्च को पार्टी नेताओं के साथ बैठक की थी। उन्होंने कहा था कि कोई भी नेता आप के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं है। कांग्रेस सबसे मजबूत और पुरानी पार्टी है।
कांग्रेस के साथ गठबंधन चाहते थे केजरीवाल
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक सभा में कहा था कि अगर आप और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ती है, तो इसका फायदा भाजपा को होगा। उन्होंने बताया था कि उनकी पार्टी की ओर से कांग्रेस के साथ गठबंधन की पूरी कोशिश की गई, लेकिन वह इसके पक्ष में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया था, कांग्रेस दिल्ली और उप्र में भाजपा को जिताना चाहती है।
केजरीवाल ने राहुल से की थी मुलाकात
राकांपा प्रमुख शरद पवार के दिल्ली स्थित आवास पर फरवरी में विपक्षी नेताओं की बैठक हुई थी। इसमें राहुल गांधी और केजरीवाल भी मौजूद थे। इसके बाद राहुल ने कहा था कि दिल्ली में कांग्रेस और आप के साथ चुनाव लड़ने पर बाद में फैसला होगा। इसके बाद तेपेदा प्रमुख चंद्रबाबू नायडू और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने राहुल से आग्रह किया था कि वे गठबंधन के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं के साथ चर्चा करें।
वायुसेना ने जैश के आतंकी कैम्प तबाह किए थे
पुलवामा हमले के 13वें दिन वायुसेना के मिराज-2000 विमानों ने बालाकोट, मुजफ्फराबाद और चकोटी में जैश-ए-मोहम्मद के कैम्प तबाह किए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्रवाई में 350 आतंकी मारे गए थे। इसके अगले दिन 27 फरवरी को पाक के विमान भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। जवाबी कार्रवाई में मिग-21 ने पाक के एफ-16 को मार गिराया था। पायलट अभिनंदन को पाक सेना ने बंदी बना लिया था।
स्ट्राइक से पहले कैम्प में 300 मोबाइल एक्टिव थे
न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, बालाकोट में एयर स्ट्राइक से पहले जैश के ठिकाने पर 300 मोबाइल फोन एक्टिव थे। इसकी जानकारी नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन ने सेना को दी थी। इस पर सुरक्षा एजेंसियों ने भी सहमति जताई थी। इस बात के साफ संकेत मिले थे कि कैम्प में करीब 300 लोग मौजूद हैं।
जैश के मदरसे की 4 इमारतों को निशाना बनाया था
मीडिया रिपोर्ट में एक अफसर ने कहा था- "इंटेलिजेंस एजेंसियों के पास सिंथेटिक एपरचर रडार (एसएआर) की तस्वीरें हैं। इसमें दिखाया गया है कि 4 इमारतों को निशाना बनाया गया। मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने पांच एस-2000 प्रीसीशन-गाइडेड म्यूनिशन (पीजीएम) दागे।" पीजीएम एक स्मार्ट बम होता है जो खास निशाने पर दागा जाता है। भारत ने पीजीएम इजरायल से लिए थे।
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